राजपूती कविता Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 16, 2018 तलवार हाथों से संभालती नहीं सो,जीभ को तलवार बना लेते हैं बंदूकें बन गयी हैं महफ़िलों की शोभा गालियां देकर ही अपना काम चला लेते हैं । अब कहाँ हैं युद्ध के मैदान व दुश्मनों की ... Read more